छोटा सा सपना

“छोटा सा सपना “ वो आकाश उड़ता जहाज़ और तुम्हारा पायलट बनने का सपना बडे होकर फ़िज़िक्स की उन थ्योरिज और ज़िन्दगी की कॉम्पलीकेटेड उलझनों मे कहीं खो सा गया और तुम आगे निकल गये । होश आने पर जब सिस्टम समझ आया तो मन चंचल , कोमल हृदय को बरगलाता गया कि ज़िन्दगी कीContinue reading “छोटा सा सपना”

दुविधा

दुविधा — “lalit Hinrek” किसान गर्व से कहता था कि मैं अन्न दाता हूं , इस राष्ट्र की ताकत हूं , और भविष्य निर्माता हूं । पर किसान अपने पुत्रों को अब , ‘किसान’ देखना नही चाहता अपने खेतो की खुशबूओं को , लूटते देखना नही चाहता । वो बैलों की जोड़ी तो बस ,Continue reading “दुविधा”