फ़र्क़

फ़र्क़ अब तेरे समझने का है वरना मेरा मिलना भी तो तेरी दुआओं का क़बूल होना ही था …! फ़र्क़ तेरी मोहब्बत का है वरना कौन से तराज़ू में वफ़ा का पैमाना होता है …!! फ़र्क़ इस बात का है कि तुम कहती थी कि “सुबह शाम डर लगता है कि तुम ! चले नContinue reading “फ़र्क़”

बारह आने

(If you find my stories dirty , the society you are living in is dirty ~ Munto ) वक़्त का पहिया भी बड़ा अजीब है ऐसे दौड़ता है कि पता भी नही चलता कि समय कैसे बीत गया । पीछे मुड़कर देखता हूँ तो ऐसा लगता है कि कल की तो बात है , ऐसाContinue reading “बारह आने”

उधडे जूते

मैं ऐक छोटे से क़स्बे मे रहता था । गॉव मे जातपात , छुआ छूत और अंधविश्वास के ढकोसलों का पूरा वातावरण था । गॉव मे सवर्ण (राजपूत ऐवम् ब्राह्मण) तथा हरीजन सब मिलकर रहते थे । मैं छोटी जाती से था । मेरे परिवार मे माता पिता तथा ऐक बडी बहन और मैं ,Continue reading “उधडे जूते”

बुद्ध का धम्म् और अंगूलीमाल

2500 साल पहले मगध राज्य मे ऐक बालक जिसका नाम अंहिसक था वह तक्षशिला मे अपनी शिक्षा दिक्षा ग्रहण कर रहा था । वह अपने सभी मित्रों मे सबसे अव्वल था जिससे जल्द ही वह समस्त आचार्यों का प्रिय हो गया । कुछ छात्र उसकी तरक़्क़ी से इतने दुखी हुये की उन्होंने बालक के प्रतिContinue reading “बुद्ध का धम्म् और अंगूलीमाल”

अनिच्चा. Impermanence

“ऐक छोटी सी कहानी” There was a beautiful couple in the village . Husband was so much fascinated of his wife’s beauty. He used to praise her beautiful golden hair and her shining teeth. He used to compare her hair to cascade of gold and her teeth to the ocean of pearls. One day thisContinue reading “अनिच्चा. Impermanence”

क्रान्ति ( A short story of a thought)

2008 की बात है यशराज और उसका छोटा भाई वीरप्रताप सिंह कॉलेज की छुट्टियाँ ख़त्म करके गॉव से शहर की ओर लौट रहे थे । सुबह सुबह रेलवे स्टेशन पहुँचे । पोष की काली सर्द रात की ठिठुरन मानो इस अंधेरी धुँध के साथ मिलकर प्रकाश के ख़िलाफ़ मानो साज़िशें रच रही हो । अंधेराContinue reading “क्रान्ति ( A short story of a thought)”

A letter to Eve (45 days old puppy)

ईव (Eve) मेरे 45 दिन का जर्मन शेफर्ड Pup पार्वो वायरस का शिकार हुआ है । रोज खेलने वाली ईव ने अचानक खेलना बन्द कर दिया । उसके आसपास जाने से जो काटने को दौड़ती थी उसने चहकना तक बन्द कर दिया । उसको इतनी पीड़ा सहते देख मेरी रूह को रोज़ाना चोट पहुँचती हैContinue reading “A letter to Eve (45 days old puppy)”

ईवा

(Chapter -1) कितना ख़ूबसूरत नाम है ना ! जितना ख़ूबसूरत है उससे कहीं ज़्यादा ख़ूबसूरत तो मतलब है शायद । ईवा ! (Life) जब भी पूछे मुड़कर देखता हूँ तो कहीं ना कहीं याद आ जाती है । आज सालो बाद लिखना शुरू किया सोचा कि आप सभी भी जान लो उस ईवा को जिसेContinue reading “ईवा”

घुमन्तू

“घुमन्तू “ वो अनजाने रास्ते जो चन्द लम्हे चलने पर ओझल हो जाते है और तुम सिर्फ़ इस बात से कतराते हो की उस पार कि दुनिया बर्बर और भयानक होगी ………!! जहॉ हमारी शख़्सियत ओछी सी होगी जहॉ हमारे स्वाभिमान की तौहीन होगी जहॉ हमारा मुक़्क़दर खोटा होगा जहॉ हमारा सम्मान छोटा होगा ……..!!Continue reading “घुमन्तू”